रसेन्द्र चूड़ामणि रस – पुरुष इसको एक बार जरूर आजमाकर देखे, आपकी दुनिया बदल जायेगी

 यह नुस्खा  राजीव दीक्षित जी का सबसे अचूक नुस्खा है, अगर आप जगह-जगह से दवाइयां खाकर परेशान हो गए हैं I जिंदगी में आखिरी बार इस औषधि का एक बार सेवन कर लीजिए मरते दम तक आपको दोबारा कभी दवाई खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी I 


 वियाग्रा जैसी हार्ट  व गुर्दे को तकलीफ देने वाली गोलियाँ लेने वाले भाईयो, कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेद मे शीघ्रपतन जैसी नामुराद बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिये आप एक बार “रसेंद्र चूड़ामणि रस”  तैयार करके इस्तेमाल जरूर करके देखें। अगर आप  जगह-जगह से दवाइयां खा कर  निराश हो चुके हो, तो एक आखरी बार महा रसेंद्र चूड़ामणि को तैयार करवा कर आप खा कर देखिए पूरे जीवन में आपको कभी किसी नीम हकीम  वेदों के चक्रों में भटकना नहीं पड़ेगा, यह मैं आपको पूरी गारंटी के साथ कह सकता हूं 

• महार रसेंद्र चूड़ामणि इस्तेमाल करने वाला मर्द जिस औरत के साथ संभोग कर लेगा वह औरत जीवन भर उसी मर्द की दासी बनकर रह जायेगी। इसके बारे में यहां तक कहा गया है कि यह नामर्द को भी मर्द बनाने का मादा रखता है I 
• ताकतवर समझकर कभी भी बताई गई मात्रा से जयादा इस्तेमाल न करें कयोंकि जयादा मात्रा में सेवन करने से कामोत्तेजना बहुत बढ जाती है। इसलिए मात्र 45 दिन ही इसका सेवन करें क्योंकि यह बहुत ज्यादा पावरफुल होता है

इसके सेवन से साधारण स्त्री तो क्या, वेश्या तक हाथ जोड़ देती है. प्यार भरे माहौल में लम्बे समय तक सम्भोग रचाने के चाहवान जोड़ों के लिए यह उत्तम औषधि है. इसका प्रयोग करते हुवे दूध घी का सेवन अधीक करना चाहिए |

रसेन्द्र चूड़ामणि रस के फ़ायदे

इस औषधि का इस्तेमाल करने वाला मर्द जिस औरत के साथ संभोग कर लेगा वह औरत जीवन भर उसी मर्द की दासी बनकर रह जायेगी, यह इतनी पावरफुल दवा है.इसका सेवन करने से सम्भोग में 1 घन्टे तक का समय लगता है, 

शीघ्रपतन, और नसों की कमजोरी, वीर्य का पतलापन, यौनेक्षा की कमी, नामर्दी, तनाव और जोश की कमी जैसे हर तरह के पुरुष रोगों को दूर करने की क्षमता इस दवा में है मात्र 45 दिन के सेवन के बाद इसको पूरी जिंदगी में दोबारा कभी प्रयोग करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि जो इसका असर रहता है  45 दिन के कोर्स पूरा करने के बाद लाइफ टाइम के लिए रहता है

इसके इस्तेमाल से वीर्य गाढ़ा हो जाता है, स्पर्म क्वालिटी और Quantity को सही करती है और लॉन्ग लास्टिंग इरेक्शन में मदद करती है. कुल मिलाकर देखा जाये तो यह वियाग्रा से सौ गुना अच्छी दवा है जो वियाग्रा की तरह हार्ट, लीवर और किडनी जैसे ओर्गंस को नुकसान नहीं पहुँचाती है, यह सत प्रतिशत प्योर आयुर्वेदिक औषधि है जिसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है किसी भी प्रकार का

ऐसी तमाम समस्याएं हैं जिनके कारण वैवाहिक जीवन का सत्यानाश होता रहता है और कई बार तो साथी के कदम बहक जाने से परिवार तक टूट जाते हैं. ऐसे में पति बाजारू दवाओं का सेवन करके या नीम-हकीमों के चक्कर में अपनी मेहनत का पैसा लुटाते रहते हैं लेकिन ऐसी दवाओं से स्थायी समाधान हाथ नहीं आकर बस कुछ देर के लाभ का छलावा महसूस होता है I 

कहां जाता है कि इसे अति विलासी राजा महाराजाओं द्वारा प्रयोग की जाने वाली यह औषधि है, क्यूंकि उनकी अनेक रानियाँ होती थीं. उन्हें एक से अधिक औरतों के साथ संबंध होते थे. इसके कुछ दिन सेवन करने से वीर्य बहुत गाढा हो जाता है. इसके कुछ दिनों के इसतेमाल से नाड़ीतंत्र को ताकत मिलती है, बचपन में अपने जितने भी गलतियां की है यह उन सारी गलतियां की जड़ को ही जड़ से खत्म कर देता है I 

यह “रसेन्द्र चूड़ामणि रस” इतना प्रभावशाली है कि इसका सेवन करने से रोम- रोम नाचने लगता है. मस्ती से भरा हुआ मर्द जब औरत के साथ सेज साँझी करता है तो दोनों की रूह एक दूसरे में इस तरह समा जाती है जैसे तुम और मैं का भेद समाप्त हो जाता है

किन किन समस्याओं में महा रसेंद्र चूड़ामणि काम करता है

शीघ्रपतन
नपुँसकता या नामर्दी
वीर्य विकार
वीर्य का पतलापन
शुक्राणुहीनता
लिंग का ढीलापन, नसों की कमज़ोरी
बचपन की गलतियों के कारण साइज का छोटापन या पतलापन
संभोग की इच्छा कम होना

➡  आइए जानते हैं महा रसेंद्रआ चूड़ामणि बनाने की विधि:

 पारा भस्म 10 ग्राम।•
 स्वर्ण भस्म 1 ग्राम।
•  नाग भस्म 400 पुटी 20 ग्राम।
•  अभ्रक भस्म 30 ग्राम।
•  वंग भस्म 10 ग्राम।
•  अतुल शकतिदाता योग (खुद तैयार किया) 60 ग्राम।
•  चाँदी भस्म 30 ग्राम।
•  स्वर्ण माक्षिक भस्म 10 ग्राम।सफेद मूसली -20ग्राम
* सालम पंजा -30ग्राम
* सालम मिश्री -32 ग्राम
* शुद्ध कौंच बीज -30 ग्राम
* बीज बंद -25 ग्राम
* अस्वगंधा -40 ग्राम
* उंटंगन बीज -30 ग्राम
* सालम गत्ता -15 ग्राम
* रूमी मस्तगी – 20ग्राम

➡️ सबकोमिलाकर धतूरे के पतों के रस और भंग के पतों के रस में तीन दिन खरल करें!। फिर मघाँ, गिलोय, भड़िंगी, अंबरबेल, खस, नागरमोथा, शुद बचनाग, मुलठी, शतावर, कौंच के रस जा काड़े की सात- सात भावना देवें। जब सारी दवाई सूख जाये तो इसके कुल वजन की तुलसी के रस में घोटकर 1-1 रती की गोली बनाकर छाया में सुखा लें I अब आप का महाशक्तिशाली रसेंद्रचूड़ामणि तैयार है

 यह कैप्सूल के फॉर्म में तैयार होता है और यह गोली के फॉर्म में भी तैयार होता है और यह चूर्ण के फॉर्म में भी तैयार होता है यह आपकी उम्र के हिसाब से तैयार किया जाता है

ध्यान दे ::::   कृपया आप महारसेंद्र चूड़ामणि  अपने नजदीकी प्रमाणीकृत वैद्य की सहायता से ही बनवाये गलत तरीके से बनाई गई कोई भी औषिधि नुकसान दायक हो सकती है।

Rajiv Dixit Ayurveda


Rajiv Dixit Ayurveda 

इसको तैयार करवाने में कितना खर्चा आ जाता है 

  • वैसे तो इसके अंदर डलने वाली जड़ी बूटियां और बसमें  बहुत ज्यादा महंगी है जिन का खर्च बनाने का कम से कम 20000 से 25000 के बीच में आता है, मगर हमारी संस्था राजीव दीक्षित आयुर्वेदा संस्था में आए दान के खर्च से भारत में मात्र 2490 रुपए की दी जाती है, क्योंकि हमारी संस्था का उद्देश्य पैसा कमाना नहीं है, हमारी संस्था का उद्देश्य राजीव दीक्षित जी को नाम को आगे बढ़ाना है, और उन गरीब व नौजवान लोगों को सही करना है जो पता नहीं कितनी जगहों से महंगी महंगी दवाइयां खाकर निराश हो चुके हैं बिल्कुल, 
  •  राजीव दिक्षित आयुर्वेद सिर्फ़ मरीजों की जरूरत भर की दवाएं बनाता है हम कोई व्यापारिक उत्पादन नहीं करते हैं इसलिये सिर्फ़ आवश्यकता पर ही दवाएं मंगवाएं न कि बेचने के लिये। हम सिर्फ़ उतना ही पैसा लेते हैं जितना कि दवा के निर्माण में तथा आपको स्पीड पोस्ट से भेजने में खर्च आता है
  • स्वदेशी अपनाए देश बचाए जय हिंद
  • अगर आप इसे अपने शहर में तैयार नहीं करवा सकते हैं तो आप इसे हमारी संस्था से तैयार करवा कर मंगवा सकते हैं इसके लिए आपको अपना पूरा पता और अपनी उम्र हाइट और वजन नोट करवानी होगी इस नंबर पर कॉल या व्हाट्सएप कर कर
  •  संपर्क सूत्र- Dr. Bhardwaj ( Sex Specialist) Gold Medalist  +919206944000 Call  
  • Timing 9 AM to 6 PM
➡️  कृपया ध्यान दें - हमारी संस्था राजीव दिक्षित आयुर्वेद 100 Rs एडवांस लेती है , पेशेंट से, क्योंकि बहुत सारे पेशेंट औषधि मंगवा तो लेते हैं , मगर जब दवाई लेने की बारी आती है ,जब कोरियर वाला उनको कॉल करता है तो वह बहाने लगाने लग जाते हैं , जैसे आज ले लेंगे कल ले लेंगे आज मैं कहीं बाहर हूं*

*इस कारण हमारा कोरियर Charge का नुकसान होता है, और ना ही हमारे पास इतने लोग हैं कि हम बार-बार कॉल करें ,और मैसेज करें कि अपना पैकेट ले ले ,इसलिए हम हर उसे पेशेंट से 100 Rs एडवांस लेते हैं जो औषधि को मंगवाना चाहता है बाकी की बची हुई पेमेंट कैश ऑन डिलीवरी पर कोरियर वाले को ही करना होता है*

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